शासकीय दुकान है कि प्रधानमंत्री आवास,बना सिर दर्द, क्या चहेतों को बचाने का किया जा रहा प्रयास..

छत्तीसगढ़/कोरिया/सोनहत
सोनहत जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत रजौली में शासकीय दुकान और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की पेंच फस गई है। ग्राम पंचायत रजौली सरपंच समेत पंचायत बॉडी का कहना है कि 15वे वित्त से शासकीय दुकान का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। । आरोप है कि उसी निर्माणाधीन दुकान को गांव के एक दबंग ने अपना प्रधानमंत्री आवास निर्माण का दावा करते हुए कब्जा जमाए हुए शिफ्ट हो गया है । अब पंचायत बॉडी स्थानीय से लेकर जिला प्रशासन तक अतिक्रमण मुक्त कराने महीनों से गुहार लगा रहा जिसकी जांच जांच और जांच ही तक सीमित है।
ग्रामीण कई बार मामले को लेकर स्थानीय व जिला प्रशासन से अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर आवेदन निवेदन कर चुके है । कार्यवाही में महीनों से सिर्फ जांच चल रही है। सूत्रों की माने तो अभी तक 6 बार जांच हो चुकी है पर किसी निर्णय तक जांच की प्रक्रिया नही पहुची है। गांव के सैकड़ो ग्रामीण एक स्वर में शासकीय भूमि और निर्माणाधीन दुकान को कब्जे से मुक्त कराने की मांग कर रहे है।
क्या निर्णय का है खौफ़
जांच निर्णय पंचायत के पक्ष में आया तो नप जाएंगे कई मैदानी और ऑफिस के जिम्मेदार क्या इस लिए जांच की रफ्तार निर्णय तक पहुचने कछुए की चाल पर चल रही है।
अगर अतिक्रमणकारी का दावा सही हुआ तो किसकी मौन स्वीकृति से नियमो का उलंघन कर आवास निर्माण को दुकान जैसा मूर्त रूप दिया गया किस शासकीय जिम्मेदार ने काम चोरी करते हुए निर्माण कार्य का निरीक्षण नही किया ।
क्या कहता है प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शासन की गाइड लाइन
“प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत निर्मित आवास का व्यावसायिक उपयोग नियम विरुद्ध माना गया है। छत्तीसगढ़ में लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऐसे आवास को दुकान, गोदाम या अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग करना प्रतिबंधित है। योजना के उद्देश्य निर्धन परिवारों को आवासीय सुविधा देना है, न कि व्यवसायिक विस्तार। यदि लाभार्थी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो न केवल आवास रद्द किया जा सकता है, बल्कि सब्सिडी की वसूली की भी कार्यवाही संभव है। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार के मामलों में संबंधित ग्राम पंचायत/नगर निकाय निगरानी कर आवश्यक कार्रवाई करें।
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में ग्राम पंचायत का दावा निर्माण कार्य को देख कर सत्य का अनुभव होता है पंचायत ने कहा है दुकान रूम बनाया जा रहा जो सबके सामने है। आरोपी का कहना है प्रधान मंत्री आवास है लेकिन गाइड लाइन अनुसार प्रधानमंत्री आवास का निर्माण इस तरीके से होना प्रतिबंधित है। योजना के लाभान्वित पर गाइड लाइन अनुसार कड़ी कार्यवाही और वसूली तो लाजमी है। जिस पर पेंच फसा है । वो दुकान कमरे की तरह निर्माण हो रहा है । दुकान के हिसाब से सटर गेट के लिए गाइड लगा दिए गए है । प्रधान मंत्री आवास का निर्माण इस प्रकार से करना पूणतः गलत है गाइड लाइन के हिसाब से बरहाल देखना होगा जांच के चुनिंदा जिम्मेदार कब तक किस निर्णय में पहुच पाते है। और उठ किस करवट बैठता है।




